चलत मुसाफिर मोह लिया रे पिंजरे वाली मुनिया।

Edited By: Jay Dubey
Updated At: 24 March 2026 10:20:06

बस यही 10000 का प्यार क्या बनाएगी उज्जवल बिहार प्रश्न जिंदा है ?

Advertisement

एक बड़ी संख्या में मतदाता का कहना है कि 10000 दिया; राशन दिया; बिजली 125 यूनिट फ्री क्या चाहिए वोट तो सरकार बनाने वाले को ही देंगे।
सत्ता की आंधी का झोंका चला और बिहार की जनता ने एनडीए को शीर्ष पर बैठाया विपक्ष बगले झांकता अब समीक्षा को निहारता यह क्या हुआ? 
बस यही 10000 का प्यार क्या बनाएगी उज्जवल बिहार प्रश्न जिंदा है ?
अर्थव्यवस्था का नियम है कि मुद्रास्फीति में खरीदने की क्षमता घट जाती है तो योजनाओं को लागू कर सरकार बाजार में उपभोक्ताओं तक पैसा पहुंचती है । लेकिन जहां डायरेक्ट खाता में पैसा कोई योजना नहीं तो विकास के लिए अलग योजना बनाना होगा।
जिसके लिए बिहार का बजट समावेशी तो आंकड़ों में नहीं है शायद कोई चमत्कार हो। 
दूसरा पहलू महंगाई जब सुबह उठकर सब्जी लाने जाते हैं तो जेब ₹100 की ताकत  समझता है और  हो गया बोलता है। 
तो फिर क्या कह सकते हैं कि चलत मुसाफिर मोह लिया रे पिंजरे वाली मुनिया।

Advertisement